उडी:शहीदों की विधवाओं के दिलों को मिला आराम…

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 वाराणसी
जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आतंकियों के हमले में शहीद हुए पूर्वांचल के जवानों की विधवाओं को पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर आतंकियों के ठिकाने को नष्ट करने के भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक की खबर से राहत मिली है। देश की सीमा के सुरक्षा में जान गंवाने वाले उड़ी के शहीदों की तेरही से पहले सेना की इस कार्रवाई से इनका दुख भले कम न हुआ हो लेकिन कलेजे में ठंडक पहुंची है। यह बात उड़ी हमले में शहीद यूपी के चार जवानों की पत्नी और परिजनों ने कही।

उड़ी हमले में शहीद बलिया के सपूत लांसनायक राजेश कुमार यादव की गर्भवती पत्नी, बेबी सेना के PoK में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की खबर सुनने के बाद आंसुओं को पोछते हुए कहा कि हमारा और हमारे परिवार का दुख तो कोई कम नहीं कर सकता है, लेकिन इसे सुनकर कलेजे में ठंडक पहुंची है। शहीद की इस बेवा का कहना है कि अगर यह कार्रवाई इसके पहले देश में हुए आतंकी हमले के दौरान करती तो शायद मेरा सुहाग नहीं उजड़ता। शहीद की बुजुर्ग मां को जब यह खबर बताई गई तो बोलीं, ‘हमारा लाल तो नाहीं वापस आइ लेकिन और दूसरे के लाल के हमरे लाल जइसन हाल नाहीं होइ,यही बात के संतोष बाय।’

पकिस्तान की अकड़, कहा हमले का जवाब ज़रूर देंगे…

गाजीपुर के देवपुरा गांव में बिजली कटने के कारण रेडियो पर सर्जिकल स्ट्राइक की खबर सुनकर भारत माता की जय के साथ ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, हरेंद्र तुम्हारा नाम रहेगा’ नारों से गूंज उठा। तेरही से पहले बेटे की शहादत से गमगीम पिता केदार यादव बोले कलेजे में अब थोड़ा ठंडक पहुंची है। हरेंद्र की विधवा निर्मला बोली मेरी दुनिया तो आतंकियों ने उजाड़ दी, लेकिन मेरी किसी और बहन का सुहाग न उजड़ने पाए, इसलिए सेना के इस आपरेशन से थोड़ा संतोष मिला है। शहीद के भाई नागेंद्र ने कहा, ‘मोदी जी से जैसी उम्मीद थी, वैसा जवाब दिए, मुझे उम्मीद है आगे और भी पाकिस्तान को जवाब दिया जायेगा।’

जौनपुर के उड़ी हमले में शहीद राजेश कुमार सिंह के भौकुरा गांव में परिजन तेरही की तैयारियों में गुरुवार को मशगूल थे। इसी बीच पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की खबर मिलने के बाद थोड़ी देर में ही उनके घर पर लोगों की भीड़ फिर लग गई। शहीद की विधवा जूली सिंह बोली मेरा सुहाग तो अब वापस नहीं मिलेगा, लेकिन मेरे जैसी लाखों बहनों का सुहाग सीमा पर दिन-रात सुरक्षा में मुस्तैद है,उनको भारत की इस कार्रवाई से संतोष होगा। मुझे भी उड़ी हमले का तेरही के पहले सेना द्वारा दिए गए कड़े जवाब से सुकून मिला है।

संतकबीर नगर के उड़ी हमले में शहीद गणेश शंकर यादव की पत्नी गुड़िया ने पति की लाश देखकर ही मोदी सरकार से मांग की थी कि खून के बदले खून लेकर ही हिसाब बराबर हो सकता है। सेना के सर्जिकल स्ट्राइल में आतंकियों के मारे जाने की खबर मिलने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया यही दी कलेजे में अब थोड़ी ठंडक पहुंची है। शहीद पिता को मुखाग्नि देने वाला छह साल का मासूम बेटा आकृति यादव को जब मां ने बताया भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारा तो बोला अम्मा हम भी बड़े होकर सेना में जाएंगे और आतंकियों को बंदूक से गोली मारेंगे। मासूम बेटे की यह बात सुनकर एक बार फिर मां की आंखें छलक पड़ीं।

 

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