बाबा का है वैदिक शिक्षा का प्लान। पढ़िए क्या होंगे उससे फायदे।

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​पतंजली अपने शैशव काल में थी। तब सिर्फ १,१०० करोड़ रूपए की कंपनी थी। आज पतंजली ५,००० करोड़ रूपए  की कंपनी है अगले वित्तीय वर्ष का १०,००० करोड़ रु. का लक्ष्य रखा है बाबा ने।  इसके अलावा, आगे बाबा की सबसे बड़ी और सबसे महत्वाकांक्षी योजना जिसपर बाबा ने काम शुरू कर दिया है, वो है, शिक्षा के क्षेत्र में!
आपको ये जान कर प्रसन्नता होगी कि बाबा ने भारत सरकार के मानव संसाधन & विकास मंत्रालय, माने ministry of HRD से देश में विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए एक वैदिक board की स्थापना के लिए अनुमति मांगी है। जैसे देश में CBSE, ICSE और तमाम राज्यों के शिक्षा बोर्ड हैं, मुसलमानों की दीनी तालीम के लिए मदरसा board है, उसी प्रकार बाबा रामदेव ने भारत सरकार से देश में एक वैदिक board की स्थापना के लिए अर्ज़ी दी है। इस नए वैदिक board में देश की पुरातन गुरुकुल शिक्षा पद्धति को आधुनिक काल के हिसाब से remodel कर पुनर्जीवित करने का प्रयास है!*
भारत की शिक्षा व्यवस्था पिछले ६८ साल से वामपंथियो के चंगुल में फंसी रही! वामपंथियों का शुरू से एक ही agenda रहा – भारत के गौरवशाली इतिहास को, संस्कृति को, हमारी सभ्यता को demean कर, बदनाम कर, नीचा दिखाओ और secularism के agenda के तहत भारत के मध्यकालीन इतिहास को, जब हम मुसलमानों के आधीन रहे, उस इतिहास को बच्चों को पढ़ाओ!
हमारे नायकों को पीछे धकेल अकबर, शाहजहाँ, औरंगज़ेब और टीपू सुलतान जैसे hero पैदा करो और राणा प्रताप, शिवाजी को भुला दो! अंग्रेजों की शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ाओ जो leader नहीं बल्कि clerk, नौकर और stenographer पैदा करती है। विद्यार्थियों में सोचने और analysis करने की क्षमता को ख़त्म करती है आधुनिक शिक्षा पद्धति। इसमें पूरा focus सिर्फ रट्टे मार के exam पास करने पे होता है।
बाबा रामदेव ने जो वैदिक board की परिकल्पना की है, उसमे विद्यार्थियों को भारत का गौरवशाली अतीत, इतिहास, संस्कृति और परम्परा से परिचित कराने का प्रयास है!*
हमारे वैदिक ग्रन्थ, वेद, उपनिषद, दर्शनशास्त्र जिन्हें आज की शिक्षा छूना भी नहीं चाहती! आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ वेद, उपनिषद् भी पढ़ाये जाएँ। ऐसे एक शिक्षा बोर्ड की स्थापना चाहते हैं बाबा रामदेव जी!
इसको और अधिक सरल करके बताऊँ तो स्कूल में CBSE के 5 subject हिंदी, अंग्रेजी, Maths, Science और SSD के साथ एक नया stream, एक नया subject, वेद उपनिषद् भी जोड़ दिया! योग को अनिवार्य कर दिया!अब आप सोचेंगे कि बच्चे overload होंगे? जी नहीं! बिलकुल नहीं आज NCERT कहती है कि विद्यार्थियों को सिर्फ 5 पुस्तक पढ़ाई जाएं, पर हमारे private स्कूल 17 पुस्तकें लगा के रखते हैं!
वैदिक बोर्ड में NCERT की उन 5 पुस्तकों के साथ सिर्फ एक पुस्तक जोड़ दी जायेगी – वैदिक शिक्षा! विद्यार्थी जब 12 साल इस बोर्ड से पढ़ के निकलेगा तो उसे ये पता होगा कि, भगत सिंह कोई terrorist नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी थे, और औरंज़ेब कोई महान राजा नहीं, बल्कि एक आततायी था!
बाबा रामदेव ने आचार्यकुलम के नाम से ऐसा एक वैदिक स्कूल शुरू कर भी दिया है जिसमे बच्चे सुबह उठ के योग करते हैं, यज्ञ करते हैं और फिर उसके बाद दिन में CBSE की पढ़ाई करते हैं। इसके अलावा देश भर में 9 अन्य आचार्यकुलम और बन रहे हैं। अगले 10 साल में देश में 1,000 आचार्यकुलम स्थापित करने का plan है बाबा का।
ये आचार्यकुलम Residential Schools होंगे, जो प्रस्तावित वैदिक बोर्ड से मान्यता प्राप्त होंगे और पूरी तरह गुरुकुल पद्धति से शिक्षा देंगे।*
बाबा रामदेव इसके लिए देश भर में दान दाताओं से 5 एकड़ जमीन मांग रहे हैं!या नी आपके बाप दादाओं के नाम आचार्यकुलम!

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