इंजीनियर हूं, EVM से छेड़छाड़ के 10 तरीके बता दूं: अरविंद केजरीवाल

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से कथित छेड़छाड़ के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रति पक्षपात का आरोप लगाया, साथ ही उन्होंने इस ओर इशारा किया कि ईवीएम बनाने वाली कंपनियां भी मशीनों की ‘छेड़छाड़’ में शामिल हो सकती हैं.

केजरीवाल ने समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा, मैं आईआईटी से पढ़ा इंजीनियर हूं और मैं आपको ईवीएम से छेड़छाड़ के 10 तरीके बता सकता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग ने कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया, जिससे जनता में भरोसा लौटे. चुनाव आयोग जानबूझकर धृतराष्ट्र बन गया है, जो अपने बेटे दुर्योधन को किसी भी तरह सत्ता दिलाना चाहता है. इन मशीनों में क्या गड़बड़ है वह जांच करके क्यों नहीं बताता.’

केजरीवाल ने साथ ही आरोप लगाया कि ‘ईवीएम पर तमाम रिपोर्ट्स को लेकर चुनाव आयोग आंखें मूंदकर बैठा है. हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र में बीजेपी जीती तो हमने कुछ नहीं कहा. तब सिर्फ दिल्ली कैंट का ही मामला था, लेकिन अब सबूत सामने हैं.’

बता दें कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद से ही केजरीवाल ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोप लगाते रहे हैं. इससे पहले उन्होंने चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा था कि वह उन्हें ईवीएम मुहैया करा दें, वह साबित कर देंगे कि इसको टेम्पर्ड किया जा सकता है.

ईवीएम को लेकर लगातार जारी इन आरोपों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने के लिए खुला चैलेंज रखा है. चुनाव आयोग के एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, मई के पहले हफ्ते से विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और टेक्नीशियन एक हफ्ते या 10 दिन के लिए आकर मशीनों को हैक करने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह चुनौती एक हफ्ते या 10 दिन के लिये रहेगी और इसमें विभिन्न स्तर होंगे. चुनाव आयोग इस दौरान EVM में टैंपरिंग करने के साथ इन मशीनों को खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है.

 

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