वेटिंग टिकट पर ट्रेन में सफर करना जुर्म

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भारतीय रेलवे के नियम के तहत अनकन्फर्म टिकट के साथ यात्रा करने को बिना टिकट यात्रा करने के समान माना जाता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप वेटिंग टिकट लेकर रिजर्वेशन बोगी में यात्रा करते हैं, तो ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर यानी टीटीई आपको बोगी से बाहर निकाल सकता है.

इसके साथ ही रेलवे एक्ट 1989 के तहत आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. रेलवे एक्ट की धारा 55 में बिना टिकट यात्रा करने को क्राइम माना गया है, जिसके लिए धारा 137 के तहत 6 महीने जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान  है.

अगर आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं और कंफर्म नहीं होने की दशा में टिकट अपने आप कैंसल हो जाता है और पैसा ग्राहक के खाते में रिफंड हो जाता है. हालांकि रेलवे काउंटर से टिकट लेने पर अपने आप कैंसल नहीं होता है. इसके लिए रेलवे काउंटर पर जाना होता है.

अगर आप रेलवे काउंटर से वेटिंग का टिकट लेते हैं, तो टिकट के कंफर्म नहीं होने की स्थिति में आप जनरल बोगी में यात्रा कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे या आईआरसीटीसी जिसके नाम से टिकट जारी करता है, सिर्फ वही व्यक्ति उस टिकट पर यात्रा कर सकता है. कोई दूसरा व्यक्ति किसी दूसरे के टिकट पर यात्रा नहीं कर सकता है. अगर कोई दूसरे के टिकट पर यात्रा करते पकड़ जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

देश का सबसे विशाल और सस्ता परिवहन नेटवर्क रेलवे है. देश में सबसे ज्यादा लोग ट्रेन से सफर करते हैं. ऐसे में सभी को रेलवे के नियम कायदों को जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि जाने-अनजाने में रेलवे के किसी कानून का उल्लंघन करने पर आपको जेल जाना पड़ सकता है. साथ ही जुर्माना भरना पड़ सकता है.

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