11 घंटे में दो कैदियों की मौत से जेल में हड़कंप,

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हत्या के प्रयास के आरोप में जिला जेल में बंद कैदी की बीमारी के चलते मौत हो गई है। कैदी की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने जेल प्रशासन पर अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि कैदी की बीमारी के बाद भी परिजनों को कोई सूचना नहीं दी गई थी।बिलराम गेट के निवासी असलम पुत्र ईसाद का विवाद बीते अगस्त माह में अपने भाई आफाक साथ हो गया था। हिस्से बंटवारे के विवाद में आफाक के चोटें आईं।

उसने हत्या के प्रयास का मुकदमा अपने भाई असलम और आफताब के खिलाफ दर्ज कराया। डेढ़ महीने पहले हत्या के प्रयास के आरोपी असलम एवं आफताब ने न्यायालय में समर्पण किया था। तब से यह दोनों आरोपी जिला जेल में बंद था। बीते कई दिनों से असलम बीमार चल रहा था। शनिवार की रात उसकी हालत खराब हो गई। उसे देर रात जिला जेल के अस्पताल से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही कैदी की मौत हो गई।

जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैदी की मौत की जानकारी परिजनों को दी गई। रविवार सुबह परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन की लापरवाही से मौत हुई है।

जेल प्रशासन की ओर से कैदी की बीमारी की कोई भी सूचना परिजनों को नहीं दी गई थी। सबसे बड़ी बात की जब रात को कैदी को रेफर किया गया तब भी परिजनों को कोई सूचना नहीं दी गई। रविवार सुबह कैदी की मौत की जानकारी परिजनों को मिली कैदी। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
 गुलफ शाना, मृतक की मां ने कहा कि मेरा बेटा जेल में बंद था। भाई भाइयों के बीच विवाद के मामले में जेल गया था। जेल प्रशासन की लापरवाही से मेरे बेटे की मौत हुई है। यदि प्रशासन गंभीरता से इलाज कराता और परिजनों को सूचना देता तो परिजन भी परवरिश कर लेते, शायद मेरे बेटे की जान बच जाती। 

जेलर आरके सिंह का कहना है कि कैदी श्वांस का रोगी था। उसका भाई आफताब जो जिला जेल में बंद है। उसने ही उसे जेल के अस्पताल में बीते दिनों भर्ती कराया था। शनिवार रात वह गिर गया था। उसके बाद उसकी हालत खराब हो गई। फिर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई है।

बदलते मौसम में इन दिनों बीमारियां फैली हुई। बीमारियों का कहर जेल में भी बरप रहा है। बीमारी से एक दिन में दो कैदियों की मौत के बाद जेल में हड़कंप मचा हुआ है। कई अन्य कैदी भी बीमारियों से ग्रसित हैं। कैदियों के परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कैदियों के परिजन उनसे मुलाकात करने को आतुर हैं। वहीं जेल में अब विशेष कैंप की जरूरत दिखाई दे रही है।

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