संगमनगरी में खतरे के निशान के पार हुईं गंगा-यमुना,

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गंगा-यमुना में बाढ़ से हालात चिंताजनक होने के बाद डीएम संजय खत्री ने एनडीआरफ की टीम के साथ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित बस्तियों को खाली कराने के लिए अपील की। रात आठ बजे गंगा दो सेमी प्रति घंटा और यमुना तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ती रही। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बांधों में जल दबाव बढ़ता जा रहा है। इससे जलस्तर में वृद्धि बने रहने की आशंका है।बेली कछार के क्षेत्र बेली कछार, गंगापुरी, नेवादाछार, नेवादाछार, अशोक नगर कछार, द्रोपदी वार, मछाबाद, जोंधवाल, शंकर गेर, बघाड़ा, चांदपुर-सलोरी, राजापुर, उवागढ़ी, शिवकुटी,दस कालोनी, चिलिंग कछार, दशाश्वमेध राम, पुरी, नीवाँ, छतनाग,रा सोनौटी, हेता शांती, शांतिपुरम नाग में पल रहा है। विलोम, जल का जलभराव, गौसनगर, सदियापुर मोहल्लों में पानी भरा है।

शृंगवेरपुर, कौड़िहार, फाफामऊ, तरवे, झूसी, नैनी करवा, बेलावर, कटवारीपुर, सिरसा, हंडिया, छना, औद्योगिक क्षेत्र के कछारी इलाके जलमग्न हो गए हैं। 

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