शिवपाल का बढ़ा कद -दिए गए और मंत्रालय, फ्लॉप रहा ये ईमानदारी का स्टंट

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शिवपाल सिंह यादव को सभी मंत्रालय वापस कर दिए गए हैं वहीँ ग्यारह मंत्रालय और दिए गये हैं ! हो न हो यह एक राजनैतिक स्टंट ही था ! परन्तु अब पूरी तरह से यह विफल हो गया है !

वहीँ शिवपाल सिंह यादव ने अपने भतीजे को कुछ सलाह दी हैं 

यूपी के कैबिनेट मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपने सारे विभाग को वापस मिलते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए बड़ा बयान दिया हैं. अपने इस बयान के जरिए शिवपाल ने अखिलेश को बातों-बातो में अबतक सी सबसे बड़ी नसीहत दे डाली हैं. उन्होंने एक निजी चैनल के कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘मैंने अपने जीवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कई लोगों को बैठे देखा है. सीएम की कुर्सी पर बैठने वाले को अहम नहीं होना चाहिए. अखिलेश को अभी अनुभव कम है. पढ़े लिखे होने का यही मतलब होता है कि अक्ल होनी चाहिए. अखिलेश को बड़ों से सीखना चाहिए. नेताजी से सीखें, मुझसे सीखें.’

 इसके साथ ही अखिलेश यादव दवारा चुनाव में टिकट बाँटने का अधिकार की मांग को लेकर शिवपाल ने यह बताया, “मैंने कभी नहीं कहा कि मैं टिकट बाटूंगा. प्रदेश अध्यक्ष कोई भी हो, टिकट नेताजी ही बाटेंगे. नेताजी का ही फैसला सबको मान्य है और पटी में किसी की हैसियत नहीं कि उनके फैसले को न माने.”

कैबिनेट मंत्री शिवपाल, अखलेश यादव को अपने पुत्र के ही समान समझते है. इस बात पर उन्होंने बताया, “अखिलेश बचपन से ही मेरे साथ रहा है, मेरे सामने पढ़ा लिखा है और बड़ा हुआ है. अखिलेश मेरा भतीजा है और बेटे जैसा है. मैंने उसका पालन-पोषण किया है. उससे मेरा कोई कम्पटीशन नहीं है, परिवार में कोई झगड़ा नहीं है.”

इसके अलावा शिवपाल ने यह भी बताया, ‘चुनाव नजदीक है, नेताजी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. संगठन को मजबूत करना है और 2017 में प्रचंड बहुमत की सरकार बनानी है. एक ही विभाग मेरे पास है, उसे कोई भी ले ले क्या फर्क पड़ता है. मैंने पिछले साढ़े चार साल में इतना काम कर दिया है कि अब मेरी जरुरत नहीं है.”

जबकि मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा राज्यसभा सांसद अमर सिंह का विरोध करने के बाद भी शिवपाल ने उनका बचाव किया. उन्होंने कहा कि वो और नेताजी अमर सिंह पर पूरा भरोसा करते हैं. अमर न तो समाजवादी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और ना ही उनके परिवार में झगड़ा लगा सकते हैं.

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